Nifty 50, भारत का प्रमुख स्टॉक इंडेक्स है जो NSE (National Stock Exchange) में लिस्टेड 50 सबसे बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन को दर्शाता है। हर कारोबारी दिन यह इंडेक्स निवेशकों, ट्रेडर्स और पॉलिसीमेकर्स के मूड को दर्शाता है।
अब सवाल है:
“क्या Nifty 50 में कल, यानी 9 अगस्त 2025 को तेजी देखने को मिलेगी या मंदी?”
इस लेख में हम इसका पूर्वानुमान लगाएंगे आर्थिक, वैश्विक और तकनीकी संकेतों के आधार पर।
वैश्विक संकेत (Global Cues)
पॉजिटिव फैक्टर्स:
- Dow Jones और Nasdaq में बीती रात तेजी रही।
- Crude Oil की कीमतों में स्थिरता, जिससे भारत की इकोनॉमी पर राहत।
निगेटिव फैक्टर्स:
- अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने की खबर से व्यापारिक तनाव।
- चीन और ताइवान के बीच तनावपूर्ण स्थिति।
संकेत: ग्लोबल मार्केट्स में मिक्स्ड मूड है, लेकिन भारत पर टैरिफ की खबर कुछ दबाव ला सकती है।
घरेलू कारक (Domestic Factors)
ताजा आर्थिक आंकड़े:
- GST कलेक्शन जुलाई 2025 में ₹1.75 लाख करोड़ रहा — यह दर्शाता है कि घरेलू मांग मजबूत है।
- RBI की हालिया नीति में ब्याज दरें यथावत रखी गईं, जिससे लिक्विडिटी बनी हुई है।
FII और DII गतिविधि:
- FIIs (Foreign Investors) ने ₹1200 करोड़ की बिकवाली की।
- DIIs (Domestic Investors) ने ₹950 करोड़ की खरीदारी की।
संकेत: FIIs की बिकवाली नकारात्मक हो सकती है, लेकिन DIIs का सपोर्ट Nifty को संभाल सकता है।
तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis)
- Support Level: 22,150
- Resistance Level: 22,500
- 50-DMA: अभी भी पॉजिटिव ट्रेंड में
- RSI (Relative Strength Index): 58 पर है, यानी न ओवरबॉट और न ओवर्सोल्ड
संकेत: टेक्निकल चार्ट्स साइडवेज या हल्की तेजी की तरफ इशारा कर रहे हैं।
किन सेक्टर्स पर नज़र रखें?
| सेक्टर | संभावित ट्रेंड |
|---|---|
| Auto | तेजी (Flex-Fuel नीति की वजह से) |
| IT | मिलाजुला |
| FMCG | हल्की तेजी (festive buildup) |
| Banks | प्रॉफिट बुकिंग संभव |
संभावित Nifty 50 रेंज कल (9 अगस्त 2025)
उपरी स्तर: 22,500
निचला स्तर: 22,150
संभावित क्लोजिंग: 22,350 के आसपास
9 अगस्त 2025 को Nifty 50 का मूवमेंट मिलाजुला रहने की संभावना है।
हालांकि भारत पर अमेरिकी टैरिफ दबाव ला सकते हैं, लेकिन घरेलू आर्थिक मजबूती और कुछ पॉजिटिव वैश्विक संकेत संतुलन बनाए रख सकते हैं।
ट्रेडर्स के लिए सलाह:
- स्टॉप लॉस लगाकर ट्रेड करें
- बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर खास नजर रखें
- फ्यूचर ऑप्शंस में वॉल्यूम कम रखें
