Emergence of Agentic AI: कैसे बदल रही है एजेंटिक एआई भारत की नौकरियों की तस्वीर

2025 की दुनिया में AI (Artificial Intelligence) केवल डेटा प्रोसेसिंग तक सीमित नहीं रही — अब वह “काम करने” लगी है। AI का नया चरण, जिसे Agentic AI कहा जाता है, तेजी से दुनिया भर में कामकाज के तरीके को बदल रहा है।

भारत जैसे विकासशील देश में जहां करोड़ों लोग विभिन्न सेक्टरों में काम करते हैं, वहां Agentic AI की एंट्री 10 मिलियन (1 करोड़) नौकरियों को सीधे प्रभावित कर सकती है। यह न सिर्फ नौकरी लेने वाला है, बल्कि नई स्किल्स और नई भूमिकाएं भी गढ़ने वाला है।


Agentic AI क्या है?

Agentic AI वह तकनीक है जो सिर्फ निर्देशों का पालन नहीं करती, बल्कि खुद सोचती है, निर्णय लेती है, और काम को अंजाम देती है

यह GPT या ChatGPT जैसी भाषा मॉडल्स से अलग है क्योंकि यह:

  • मल्टी-स्टेप टास्क कर सकती है
  • फीडबैक से खुद को सुधार सकती है
  • स्वत: निर्णय ले सकती है बिना हर बार इंस्ट्रक्शन के
  • प्रोजेक्ट्स को एंड-टू-एंड मैनेज कर सकती है

उदाहरण:
अगर एक पारंपरिक AI को ईमेल लिखने का निर्देश दें, तो वह वही करेगा।
Agentic AI खुद तय करेगा कि किसे ईमेल करना है, क्यों करना है, क्या विषय होगा और कब भेजना है।


भारत में इसका प्रभाव:

1. नौकरियों में ऑटोमेशन की तेज़ी

Agentic AI की वजह से सबसे पहले रूटीन और रिपिटिटिव नौकरियां खतरे में हैं:

  • डेटा एंट्री
  • कस्टमर सर्विस कॉल्स
  • रिपोर्ट जनरेशन
  • डिजिटल मार्केटिंग के कुछ हिस्से

2. नए जॉब रोल्स का जन्म

AI से जुड़े नए रोल्स तेजी से उभर रहे हैं जैसे:

  • AI Trainer
  • Prompt Engineer
  • AI Ethics Manager
  • Automation Workflow Designer

3. MSME सेक्टर में बदलाव

छोटे व्यवसाय अब Agentic AI के माध्यम से:

  • अकाउंटिंग
  • सोशल मीडिया
  • सेल्स फनल ऑटोमेशन
    जैसे कामों को बेहद सस्ते और तेज़ तरीके से कर पा रहे हैं।

कौन से सेक्टर सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे?

सेक्टरसंभावित प्रभाव
BPO (कॉल सेंटर)सबसे पहले ऑटोमेट होंगे
बैंकिंगफ्रॉड डिटेक्शन, कस्टमर हेल्प को AI संभालेगा
एजुकेशनPersonalized learning via AI tutors
हेल्थकेयरDiagnostic support, patient records analysis
लॉजिस्टिक्सएजेंट AI शिपमेंट ट्रैकिंग, इवेंट प्रेडिक्शन करेगा

रिपोर्ट के अनुसार:

ServiceNow की रिपोर्ट के मुताबिक, 2030 तक भारत में लगभग 1 करोड़ नौकरियां इस तकनीक से प्रभावित होंगी — कुछ खत्म होंगी, कुछ बदलेगीं और कुछ बिल्कुल नई बनेंगी।


स्किल्स की ज़रूरत बदलेगी:

अब मांग होगी:

  • Prompt Writing (AI को इंस्ट्रक्शन देना)
  • Data Analysis
  • Human-AI Collaboration
  • Emotional Intelligence (क्योंकि AI में यह कमी है)

अब घटेगी मांग:

  • केवल मैन्युअल एंट्री करने वाले
  • टेक्स्ट जनरेट करने वाले सामान्य कॉपीराइटर
  • पारंपरिक ग्राफिक डिज़ाइनिंग बिना AI उपयोग के

भारत की तैयारी कैसी है?

सकारात्मक पहल:

  • NASSCOM, Skill India जैसे संस्थान AI-Ready स्किल्स पर ज़ोर दे रहे हैं
  • IITs में Agentic AI पर रिसर्च शुरू हो चुकी है
  • कई स्टार्टअप्स Agentic AI टूल्स डेवलप कर रहे हैं

चुनौतियाँ:

  • Tier-2 और Tier-3 शहरों में डिजिटल साक्षरता की कमी
  • मजदूरी-आधारित नौकरियों का AI में समावेश कठिन
  • शिक्षकों और ट्रेनरों की कमी जो लोगों को नई AI स्किल्स सिखा सकें

आम भारतीयों के लिए क्या संदेश?

यदि आप कोई नौकरी करते हैं, तो इस बदलाव से डरने की नहीं, तैयारी करने की जरूरत है।

कुछ प्रैक्टिकल कदम:

  • Coursera, Udemy जैसी साइट्स से AI बेसिक्स सीखें
  • ChatGPT, Claude, Midjourney जैसे टूल्स का अभ्यास करें
  • अपने फील्ड के अनुसार AI का उपयोग समझें (उदाहरण: एक शिक्षक AI से कंटेंट बनाना सीख सकता है)
  • Soft skills और critical thinking पर ध्यान दें

Agentic AI केवल एक तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि एक सामाजिक और आर्थिक बदलाव है। यह आने वाला भविष्य है, जिसे अपनाना अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है।

भारत के लिए यह एक “skilling emergency” है, लेकिन यदि सही ढंग से अपनाया गया, तो Agentic AI भारत को विश्व में AI सुपरपावर बना सकता है।

Leave a Comment