स्वतंत्रता दिवस 2025: हर घर तिरंगा – ऐसे पाएं आधिकारिक सर्टिफिकेट और डिजिटल बैज
भारत इस साल 15 अगस्त 2025 को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। आज़ादी के इस पर्व को और भी खास बनाने के लिए “हर घर तिरंगा” अभियान एक बार फिर पूरे जोश के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य है—देश के हर नागरिक को तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करना, ताकि देशभक्ति की भावना घर-घर तक पहुंचे।
हर घर तिरंगा अभियान क्या है?
2022 में आज़ादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत शुरू किया गया यह अभियान अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। शुरुआत में तिरंगे को केवल सरकारी कार्यक्रमों में ही देखा जाता था, लेकिन इस पहल ने इसे व्यक्तिगत गर्व और एकता का प्रतीक बना दिया है।
2025 में इसका चौथा संस्करण मनाया जा रहा है, जिसमें संस्कृति मंत्रालय ने वॉलंटियर प्रोग्राम जोड़कर इसकी पहुंच और भी बढ़ा दी है।

अभियान में भाग लेने का तरीका
हर घर तिरंगा अभियान में शामिल होना बहुत आसान है:
- तिरंगा फहराएं – अपने घर, दुकान, दफ़्तर या किसी भी निजी स्थान पर 13 अगस्त से 15 अगस्त 2025 तक।
- सेल्फी लें – तिरंगे के साथ अपनी फोटो खींचें।
- अपलोड करें – आधिकारिक पोर्टल harghartiranga.com पर अपनी फोटो अपलोड करें।
- सर्टिफिकेट पाएं – फोटो अपलोड करने के बाद आपको ऑनलाइन प्रमाणपत्र मिलेगा।
- सोशल मीडिया पर शेयर करें – #HarGharTiranga और #IndependenceDay2025 हैशटैग के साथ अपनी फोटो शेयर करें।
आपको क्या मिलेगा?
- डिजिटल बैज – जो आपको हर घर तिरंगा एंबेसडर के रूप में पहचान देगा।
- आधिकारिक प्रमाणपत्र – संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी।
- विशेष सम्मान – यदि आप वॉलंटियर बनकर अभियान को आगे बढ़ाते हैं, तो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने का अवसर मिलेगा।
वॉलंटियर प्रोग्राम – देशभक्ति का चेहरा बनें
इस साल, संस्कृति मंत्रालय पूरे देश में वॉलंटियर्स को जोड़ रहा है, जिनका काम होगा:
- लोगों को सही तरीके से तिरंगा फहराने में मदद करना।
- मोहल्लों में जाकर तिरंगा बांटना।
- लोगों को 2 अगस्त से पोर्टल पर सेल्फी अपलोड करने के लिए प्रेरित करना।
सबसे ज्यादा सक्रिय और प्रभावशाली वॉलंटियर्स को विशेष प्रमाणपत्र और सम्मान समारोह में बुलाया जाएगा।
महिलाओं के लिए रोज़गार का अवसर
अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू है—महिला सशक्तिकरण।
- उत्तर प्रदेश में 60 लाख तिरंगे नि:शुल्क बांटे जाएंगे, खासतौर पर शहरी गरीब बस्तियों में।
- इन तिरंगों का निर्माण महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा किया जा रहा है, जिससे करीब 29,000 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।
- पूरे देश में अब अधिकांश तिरंगे इन्हीं स्थानीय समूहों से बनते हैं, जिससे सरकारी आपूर्ति की ज़रूरत बहुत कम हो गई है।
राज्यों में विशेष आयोजन
- उत्तर प्रदेश – 4.6 करोड़ से ज्यादा तिरंगे फहराए जाएंगे, साथ में रैलियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और तिरंगा महोत्सव होंगे।
- वाराणसी – महिला समूहों ने 2.5 लाख तिरंगे तैयार कर दिए हैं।
- मध्य प्रदेश – अभियान को स्वच्छता अभियान और स्वदेशी आंदोलन के साथ जोड़ा गया है।
अभियान क्यों खास है?
यह सिर्फ देशभक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि:
- एकता और भाईचारे को मजबूत करता है।
- स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देता है।
- नागरिक जिम्मेदारी और गौरव की भावना जगाता है।
जब हम आज़ादी के 78 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, तो हर घर तिरंगा 2025 में आपकी भागीदारी एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा बनने का अवसर है।
चाहे आप घर पर तिरंगा फहराएं या मोहल्ले में वॉलंटियर बनकर लोगों को जोड़ें—आपका योगदान भारत की एकता को और मज़बूत करेगा।
आज ही भाग लें, अपनी सेल्फी अपलोड करें और गर्व का बैज पहनें!
वेबसाइट: harghartiranga.com